रिपोर्ट: अंकित सिंह
कानपुर नगर। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजीपी उत्तर प्रदेश को निर्देश दिया था कि वह पुलिस थानों से टॉप टेन अपराधियों के बारे में सूचना देने वाले बैनर हटा लें. इन बैनरों में अपराधियों के नाम और पहचान के साथ ही उनके आपराधिक इतिहास की भी जानकारी दी गई है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि यह संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है।
आदेश के बाद एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी कानपुर में थानों में टॉप टेन अपराधियों के फोटो लगे हैं। हैरानी की बैत तो यह है कि डीआईजी कार्यालय में भी टॉप-15 अपराधियों की होर्डिंग लगी हुई है। कोर्ट ने डीजीपी को इस बाबत सभी थानों को सकुर्लर जारी करने का भी निर्देश दिया था।
अदालत का मानना है कि थानों के बाहर अपराधियों के बारे में सूचनाएं सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शित करना अनावश्यक है। ऐसा करना मानवीय गरिमा के विपरीत है। डीआईजी कानपुर का कहना है कि सभी थानों को आदेशित किया गया है कि वह ऐसे होर्डिंग हटा लें।
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