रिपोर्ट: मनोज सिंह कानपुर देहात
प्राइवेट अस्पताल में उपचार के दौरान युवक की मौत पर कटा जमकर बवाल, परिजनों ने शव को सड़क पर लगाया जाम, अस्पताल प्रशासन पर कार्यवाही के बाद सब को हटाने की कही बात।
निजी अस्पतालों की लापरवाही लगातार बढ़ती चली जा रही है वही आए दिन निजी अस्पताल जनपद में विवादों में घिरे रहते हैं ताजा मामला कानपुर देहात के अकबरपुर थाना क्षेत्र का है जहां पर निजी अस्पताल में उपचार के दौरान एक युवक की मौत हो गई इसके बाद परिजनों ने जमकर बवाल काटा तोड़फोड़ कर सड़क की जा म।
जिले में चल रहे निजी अस्पतालों की मनमानी और वसूली के मामले आए दिन चर्चा में आ रहे हैं वही कानपुर देहात के अकबरपुर क्षेत्र में उपचार के दौरान एक युवक की मौत हो गई जिसके बाद पीड़ितों ने अस्पताल परिसर में जमकर तोड़फोड़ कर दी और शव को लाकर सड़क पर रख दिया अस्पताल में हो रहे बवाल की सूचना पाकर मौके पर पहुंची अकबरपुर पुलिस क्षेत्राधिकारी अकबरपुर भारी पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और मामले को शांत कराने में जुट गए लेकिन मामला इतना बढ़ चुका था कि पुलिस के हाथ पैर फूल गए पीड़ितों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है साथ ही अस्पताल प्रशासन पर इस बात का भी आरोप है कि वह मरीज की स्थिति को नियंत्रण नहीं कर सके और जब उनसे अपने मरीज को दूसरे अस्पताल में ले जाने की बात कही तो निजी अस्पताल में उनके मरीज को डिस्चार्ज नहीं किया जिस के कुछ घंटे बाद ही मरीज की अस्पताल में मौत हो गई जिसकी सूचना पाकर परिजनों ने जवाब दिया अस्पताल में तोड़कर शव को सड़क पर लाकर रख दिया और यातायात जाम कर दिया सड़क जाम करने के बाद अकबरपुर मुख्यालय में राहगीरों का जाम लग गया और लगातार मृतक युवक के परिजनों ने बवाल शुरू कर दिया मौके पर पहुंची अकबरपुर पुलिस अधिकारियों ने मामले को संभालने की कोशिश की लेकिन बवाल इस कदर बढ़ चुका था कि अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप भी लगाया है प्रशासन ने उनसे लाखों रुपए इलाज के नाम पर ले भी लिए और उनके मरीज को बचा भी नहीं पाए और जब उन्होंने मरीज को दूसरे अस्पताल में ले जाने की बात कही तो उन्होंने धन वसूली के चलते मरीज को डिस्चार्ज भी नहीं किया, मामला कानपुर देहात के अकबरपुर क्षेत्र का है जहां पर कानपुर देहात के सरवन खेड़ा क्षेत्र के रहने वाले गणेश का आज सुबह तबीयत खराब होने के चलते इलाज चल रहा था जिसको लेकर परिजन निजी अस्पताल में पहुंच गए लेकिन निजी अस्पताल में लाखों रुपए लेने के बाद भी वह मरीज को बचा नहीं सके जिसके बाद परिजनों ने जमकर बवाल काट दिया।
कानपुर देहात में लगातार अस्पतालों की मनमानी के चलते जिले का प्रशासन कई बार निजी अस्पतालों पर कार्यवाही के चेतावनी दे चुका है लेकिन बावजूद चेतावनी के निजी अस्पताल अपने रवैया से बाज नहीं आ रहे हैं कानपुर देहात के राजावत हॉस्पिटल में आए दिन कोई न कोई विवाद होता रहता है और हर मामले में अस्पताल प्रशासन की गलती सामने आती है तमाम शिकायतों और अधिकारियों की कोशिश के बाद भी ऊंचे रसूख के चलते अस्पताल प्रशासन पर कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं हो पाती है,
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